सर्वांगासन योग विधि और लाभ

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आज हम आपको Sarvangasana योग के बारे में बताने जा रहे हैं, सर्वांगासन योग को कैसे करते है और इससे आपके शरीर को क्या फायदे है, इन सब चीज की जानकारी आज हम आपको विस्तार से बताने जा रहे हैं। योगासन के जितने भी मुद्राये हैं उनका कोई न कोई लाभ आपके शरीर के लिए बहुत लाभकारी होता है। योग न सिर्फ आज के समय में किया जाता बल्कि यह पुराने युगो से किया जाता है। आइये जानते है Sarvangasana Yoga Steps and Benefits in Hindi।  सर्वांगासन योग कैसे करें विधि और लाभ Sarvangasana Yoga steps and benefits in Hindi

सर्वांगासन कैसे करें

सर्वांगासन सस्कृत के शब्द सरंगसाना से लिया गया है, जो दो शब्दों (सर्व+अंग) से मिलकर बना है। जिसका सही मतलब है शरीर के सभी अंगो को खड़ा करना। इस योग मुद्रा में सभी अंगो को शामिल किया जाता है इसलिए इसे सर्वांगासन योग मुद्रा के रूप में जाना जाता है। यह योग दो तरह से किया जा सकता है एक विधि को सलम्बा सर्वांगसना योग मुद्रा और दूसरे को निरलगमा सर्वांगसना मुद्रा कहा जाता है।सलम्बा सर्वांगसना योग मुद्रा में आप कंधे के समर्थन के लिए कम्बल का प्रयोग करते है।  दूसरी तरह कम्बल के समर्थन के बिना किया जाने वाला मुद्रा निर्लम्बा सर्वांगसना के रूप में जाना जाता है। आइये जानते है सर्वांगसना योग स्टेप बी स्टेप कैसे करें।

सर्वांगासन योग विधि 

  • समतल जगह पर चटाई बिछाए और पीठ के बल लेट जाएँ।
  • पैरों एक साथ मिलाएं, हाथो को ज़मीन से चिपकाये रखे।
  • सिर को सीधे आसमान की और रखें और आँखों को बंद रखें और बंद करें।
  • अब गहरी सांस लें और अपने दोनों पैरो को उप्पर उठायें ध्यान रहे घुटने से पैरों को घुटनों से मोड़ें नहीं।
  • पैरो के साथ साथ कमर को भी उठाना प्रारम्भ करें।
  • पैरो का भूमि से समकोण ९० डिग्री का एंगल बन जाने के बाद, मेरुदंड को उप्पर उठाने का प्रयास करें।
  • पैर और कमर को उठाने के लिए हाथो का सहारा लें। कुहनिया ज़मीन पर जमी होनी चाहिए।
    पैर, कमर और पीठ को इतना उठाये की आपके कंधे और सिर ज़मीन से चिपके हो और पूरा भाग समकोण बना रहा हो।
  • पीठ को हाथों से सहारा देते समय ख्याल रखें कि आपकी हाथों की उंगलिया एक दूसरे के सामने हों और अंगूठा पेट की तरफ। चेहरा आपका आसमान की तरफ होना चाहिए।
  • इस स्थिति में आप अपनी क्षमता अनुसार रहने के बाद दोनों पैरो को नीचे पहली स्थिति में ले आएं।
  • जितने समय तक आप सर्वांगसना करते है उतने ही समय आप स्वशन की मुद्रा में विश्राम करें।

सर्वसंगना योग मुद्रा के लाभ

  1. जननांग अंग नियंत्रित और सही होते है।
  2. जिस किसी को कब्ज की शिकायत हो उसे इससे काफी फायदा होता है।
  3. बबासीर की परेशानी दूर होती है।
  4. कान, नाक और गले में हो रही समस्याओं के लिए उपयोगी है।
  5. रक्त परिसंचरण तंत्र, पाचन तंत्र और स्वशन प्रणाली को सही करता है।
  6. थायरॉयड ग्रंथि को ताज़ा करें।
  7. यौन विकारों का सफल इलाज।
  8. शीघ्रपतन की परेशानी को दूर करता है।
  9. अस्थमा, मधुमेह, यकृत विकार और आंत्र विकारों में लाभकारी।
  10. चेहरे में खाल और झुर्रियों के सिकुड़ते नियंत्रण करता है।

सावधानियां

इस योग को करना इतना आसान नहीं है। इसलिए आप इस योगासन को सही तरीके से करें जिससे आपको कोई साइड इफ़ेक्ट न हो। नीचे सर्वांसना योग किन व्यक्तियों को नहीं करना चाहिए उसके बारे में बताया गया है।

  • उच्च रक्तचाप वाले व्यक्ति इस योग को करने से बचें।
  • कमर में दर्द, घुटनो में दर्द वाले इस योग से दूर रहें।
  • मासिक धर्म और गर्भवस्था में इस योग को नहीं करें।
  • अगर आपको चक्कर आते हो तो इसे नहीं करें।
  • अपनी छमता के अनुसार ही इस योग को करें। धीरे धीरे आप आगे ज्यादा देर इसे कर सकते हैं।

सर्वांसना योग को तकिये के इस्तेमाल से करे अच्छा लाभ मिलेगा। इस योग के बाद म्रित्यासन योग करने से अधिक लाभ मिलता है। और भी कई योग मुद्राओ को जानने के लिए हमसे बने रहे और हमें Facebook, Google Plus या Twitter पर फॉलो करें।

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