प्रेगनेंसी में पेट पर खुजली से बचने के घरेलू उपाय

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गर्भावस्था के दौरान खुजली का होना एक आम बात है। ज्यादातर खुजली दूसरे और तीसरे तिमाही में होती है। इसका कारन है की जैसे जैसे माँ के गर्भ में बच्चे का आकर बढ़ता है वैसे वैसे पेट की त्वचा फैलती रहती है और साथ ही आपके शरीर के हार्मोन के स्तरों में उतर चढ़ाव आते रहते है जिसकी वजह से पेट में खुजली होना स्वाभाविक है। पेट की खुजली को आप बहुत से घरेलु उपायों के जरिये सही कर सकते है। पेट की खुजली को दूर करने के लिए आज हम यहाँ आपको कुछ आयुर्वेदिक उपचार बताने जा रहे है जिससे आप इस खुजली को तुरंत दूर कर सकते है और आराम से रह सकते है।  गर्भावस्था में पेट की खुजली से बचने के उपाय Itching Problem During Pregnancy Pet Ki Khujli

Pregnancy खुजली से कैसे बचें

गर्भावस्था के दौरान जरूरी नहीं है कि हर महिला को एक जैसी परेशानिया होती है, हर महिला को अलग अलग परेशानिया hoti है, ये आपके हार्मोन के उतर चढ़ाव पर निर्भर करता  है। किसी को पेट में दर्द की प्रॉब्लम, किसी की स्तनों में विकास, किसी ज्यादा उलटी आना। एक स्वस्थ शिशु को जन्म देने के लिए हर महिला को जरूरी है की उसे बहुत से कष्ट झेलने होते है , जैसे एक पौष्टिक आहार, कपडे सही से पहनने होते है, Pregnancy में योग भी बहुत जरूरी है, जिससे की हर महिला सोचती है उसका Normal Delivery हो और और बच्चे के लिए दूध की भी कोई कमी नहीं हो इत्यादि। अगर आप चाहती है की आपके पेट में खुजली का असर कम हो तो जानिये कुछ असरदार उपाय।

पहली तिमाही में खुजली

जैसे ही महिला गर्भवती hoti है उतना ही उसका त्वचा हार्मोन के उच्च स्तर होने पर संवेदनशील बनता है। पेट पर खुजली होने के कारणों में से रंगो का सूखापन, कपडे ढंग से न पहनना, गर्म कपडे पहना, अनावश्यक खान पान होता है।

दूसरी तिमाही में खुजली

गर्भावस्था के दूसरे तिमाही में सामान्य रूप से देखा जाने वाला गंभीर त्वचा खुजली गर्भावस्था के आईसीपी या इंट्राहेपेटिक कोलेस्टेसिस के कारण होती है। इस स्थिति में आपका जिगर आपके गर्भ में पल रहे शिशु के लिए सही तरह जगह नहीं दे पता है। यह आपके त्वचा में पित्त लवण संचय करता है जिससे आपको खुजली होती है।

डॉक्टर से परामर्श कब करें?

  • जब पेट और अन्य शरीर के अंगों पर गंभीर खुजली हो रही हो।
  • शुष्क या संवेदनशील त्वचा से संबंधित किसी भी खुजली का अनुभव करें।
  • खुजली पूरे शरीर में फ़ैल रही हो।
  • तीसरे तिमाही में पीयूपीपी या आईसीपी के कारण होने वाली गंभीर खुजली और चकत्ते हो सकती हैं।
  • हल्के रंग के आंत्र आंदोलनों, काले रंग के मूत्र, उल्टी, मतली, थकान, और भूख की कमी के साथ खुजली का विकास करें।
  • अगर खुजली किसी भी स्वास्थ्य स्थिति से जुड़ी नहीं है, तो साधारण घरेलू उपचार या ओवर-द-काउंटर समाधान राहत प्रदान कर सकते हैं।

पेट की खुजली दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय

1. दलिया स्नान

गर्भावस्था के दौरान दलीय स्नान करना एक बेहतरीन उपायों में से एक है। अपने गुनगुने स्नान वाले पानी में थोड़ा सा दलीय मिला ले और उससे नहाये इससे आपके शरीर की खुजली वाली जगह पर काफी फर्क पड़ेगा जिससे आपका शरीर खुजली काम करेगा . एक या दो बार नहाने के बाद आपको काफी फर्क पड़ेगा .

2. बेकिंग सोडा पेस्ट

खुजली, रूखेपन से रहत पाने के लिए पानी और बेकिंग पाउडर को पेस्ट करे और अधिक खुजली वाले जगहों पर मालिश करे, इससे आपको शांति महसूस होगी और काफी परेहसनिया भी दूर होंगी। क्योंकि यह पेस्ट आपकी त्वचा पर अपनी जादू का काम करता है। यह एक और उपाय है जो पूरी दुनिया में गर्भवती महिलाओं द्वारा व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।

3. एलोवेरा जेल

एलोवेरा जेल आयुर्वेदिक दवाइयों में इस्तेमाल होने वाला सबसे प्रभवशाली औषधि है। इसके प्रयोग से बहुत से रोग, दर्द, कीटाणु जल्दी ही दूर हो जाते है। आपके किसी भी हिस्से में सूजन या खुजली की परेशानी हो रही है तो आप उस जगह पर एलोवेरा का जेल की मालिश कर सकते है। यह खुजली को दूर करने के साथ साथ आपकी त्वचा की रक्षा भी करता है।

4. तुलसी चाय

तुलसी के चाय खुजली को दूर करने का एक लाभकारी औषधि है। उबलते पानी के एक बड़े कप में तुलसी के कुछ ताजे पत्ते खड़ी करें मिश्रण में एक कपड़ा सूख कर एक बार इसे ठंडा किया जाता है और इसे प्रभावित क्षेत्रों पर रख दिया जाता है। इससे ज्यादा और क्या? तुलसी गर्भावस्था के दौरान खाद्य मात्रा में निगलना सुरक्षित है।

5. नारियल तेल

शरीर में रूखेपन और खुजली को दूर करने के लिए आप नारिया तेल का इस्तेमाल कर सकती है इसे आप नहाने के बाद या नहाने से पहले मालिश के तौर पर लगा सकती है और उसके बाद गुनगुने पानी से नाहा सकती है, इससे आपको बहुत राहत मिलेगी।Pet Ki Khujli Ke Liye Nariyal Tel Coconut Oil

6. साफ सफाई

गर्भावस्था में बहुत सी महिलाएं अकेले होने के कारण अपना ध्यान सही से नहीं रख पति है वे न ही सही तरह से सफाई रख पति है जिसकी वजह से अपने आप और उसका शिशु बीमारियों से घिरा रहता है और उन्हें कुछ ही समय बाद डॉक्टर के पास जाना होता है। खुजली होने का भी प्रमुख कारण साफ़ सफाई का न होना है isliye आप अगर is खुजली से बचना चाहते है तो खाना पीना रहना सोना सफाई से रखे।

7. तेल की मालिश

सुखी और खुजली वाली त्वचा के लिए सरसो के जैतून या बादाम के तेल की मालिश बहुत लाभकारी सिद्ध होती है। आप खुजलीदार त्वचा से छुटकारा पाने के लिए लैवेंडर जैसे जरूरी तेलों का इस्तेमाल कर सकते है। एक आवश्यक तेल का उपयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करना याद रखें।

8. जड़ी बूटी

Milk thistle और डंडेलिओंस बहुत अच्छी जड़ी बुटिया है जो गर्भवस्था के दौरान खुजली होने से बचाती है। ये यकृत की में होने वाली समस्याओ से निजात पहुँचती है और खून को साफ़ और अच्छे से शरीर में पहुँचती है।

9. नींबू का रस

पुराने कई समय से निम्बू का उपयोग स्वास्थ्य के अनियंत्रित मामलो के इलाज के लिए घरेलु उपाय बहुत लाभकारी सिद्ध हुआ है, इसलिए शरीर की खुजली को दूर करने के लिए आप पतला बारीक़ छड़ी पर कपास लेकर निम्बू के रस को खुजली वाले स्थानों में लगा सकती है .

10. ठंडा सेक

पेट की खुजली को दूर करने का सबसे शानदार तरीका है की त्वचा के खुजली वाले हिस्से को बर्फ से सेकें। ठण्ड जल्दी ही आपको खुजली से रहत देगी। इसका उपयोग आप ज्यादा देर तक न करे इससे आपको ठण्ड भी हो सकती है और बीमारी आने के लक्षण भी।

11. डॉक्टर की परामर्श

अगर आपकी खुजली दिनों दिन ज्यादा से ज्यादा हो रही है और इन घरेलु उपायों से सही नहीं हो पा रही है तो आपको जरूर अपने डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

12. ज्यादा टाइट कपड़े न पहने

आजकल के मॉडर्न ज़माने में देखा गया है, कि बहुत सी गर्भवती महिलाये फैशन के चक्कर में टाइट कपडे पहनती है जिससे चलते उनके शरीर में दाग, खुजली होने शुरू हो जाते है इसका प्रमुख कारण है की एक तो शरीर की गर्मी दूसरे में ज्यादा टाइट कपडे पहनना। इसलिए खुजली से राहत पाने के लिए हलके ढीले कपडे पहने।

गर्भावस्था में खुजली से बचने के तरीके

  • गर्म स्नान और बारिश से बचें क्योंकि वे शुष्क त्वचा का कारण बनेंगे, जिससे खुजली होगी।
  • गैर-सुगंधित साबुन और शॉवर जैल का भी उपयोग करें।
  • कोई अच्छी quality के साबुन से नहाये और नहाने के बाद तौलिये से अच्छे से अपने आपको  साफ़ कर ले।
  • गर्मी से दूर रहें क्योंकि इससे खुजली और तीव्र हो सकती है।
  • हमेशा ढीले और आरामदायक सूती कपड़े पहनें क्योंकि वे खुजली को रोकेंगे और आपकी त्वचा पर बेहतर महसूस करेंगे। लम्बे समय तक गीले कपडे न पहने।
  • ज्यादा गर्म पानी से नहीं नहाये।
  • पानी ज्यादा से ज्यादा पिए।
  • सूती underwear पहने जिससे आपके शरीर को नमी मिलती रहे।
  • और आपकी त्वचा अच्छी तरह से स्वाभाविक रूप से moisturized है।
  • ज्यादा देर तक बहार सूरज की गर्मी में नहीं रहे।
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