हरी धनिया के फायदे एवं औषधीय गुण

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जिस तरह सूखे धनिया की बीज का रस पीने से हमें काफी लाभ होता है उसी तरह अगर हम दैनिक जीवन में हरी धनियां के रस को पियें तो हमारे यह गुणकर और रोगनिवारक औषधि हमें कई बिमारियों से बचाती है। हरी धनिये में अगर नीबू, पुदीना को मिलकर सेवन किया जाय तो यह और भी बेहतरीन बन जाता है। इससे न सर्फ हमारे स्वास्थय पर असर पड़ता है बल्कि यह हमारे त्वचा के लिए भी बहुत ही लाभकारी होता है। तो चलिए जानें किस प्रकार हरी धन्नियों के पत्तों का रस पीने से हमें क्या लाभ होता है Health benefits of Green coriander leaves in hindi.हरे धनिया की पत्तियों के फायदे एवं औषधीय गुण Health benefits of Green coriander leaves in hindi

धनिया के औषधीय गुण

  • धनिये के रस का नियमित सेवन करने से पेशाब की समस्या दूर होती है।
  • हरी धनिया की पत्तियों को सब्जी में डालकर सेवन करने से रक्त विकार नष्ट होते हैं।
  • नींद की समस्या दूर करे।
  • तनाव, बेचैनी दूर करे।
  • वाट, पित्त और कफ विकारों को दूर करे।
  • मन खुश करता है।
  • दमा, खांसी के लिए काफी असरदार होता है।
  • शरीर की कमजोरी और आंतों के कीड़ों को नष्ट करता है।
  • आँखों के लिए धनिया गुणकारी होता है।

हरे धनिया के 10 बेहतरीन फायदे रोग निवारण के लिए 

धनिया सिर्फ खाने की खूबसूरती और स्‍वाद ही नहीं बढ़ाता बल्‍कि इसका पानी आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बेहद गुणकारी है। धन‍िया की पत्तियों के पानी में पोटैश‍ियम, कैल्‍श्यिम, विटामिन सी और मैग्‍नीजियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है और ये सभी तत्‍व बीमारियों को कोसों दूर रखते हैं। धनिये का पानी पीने के ढेरों फायदे हैं जिनमें से कुछ के बारे में हम आपको यहां पर जानकारी दे रहे हैं।

1. पेट में गर्मी, ऐंठन या बार-बार दस्त की समस्या के लिए हरी धनिया काफी लाभकारी होती है। ऐसे में आप 50 ग्राम ताजा हरा धनिया लेकर पीसें और ठन्डे पानी या छांछ के साथ पीने से पेट की समस्यों से आराम मिलता है।

2. धनिया की पत्तियों का शरबत पीने से पेशाब में जलन, प्यास, आंखों में जलन, दस्त और गैस शांत होती है तथा मन प्रसन्न रहता है।

3. उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों के लिए, धनिया का सेवन एक वरदान है। इसके अलावा मधुमेह के मरीजों के लिए धनिया काफी लाभकारी होता है। यह खून में इंसुलिन की मात्रा को नियमित करता है।

4. पेशाब का पीला या जलन होने पर आप नियमित रूप से हरी धनिया का रस पियें। कुछ ही दिनों में आपको राहत मिलनी शुरू हो जाएगी।

5. हरी धनिया की चटनी खाने से नींद अच्छी आती है। यह इन्सुलिन को बढ़ाता है और रक्त का ग्लूकोज स्तर कम करने में सहायक है।

6. यदि नाक से खून निकल रहा है तो इसकी पत्तियों का रस नाक में डालने से खून निकलना बंद हो जाता है।

7. धनिया की पत्तियां कैल्शियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों में समृद्ध है। अपनी हड्डी के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए अपने रोजाना के आहार में धनिया को शामिल करें। विटामिन सी से भरपूर धनिया गठिया मरीजों को फायदा मिलता है।

8. धनिया में लिनोलेइक एसिड, पाल्मिक एसिड, एस्कॉर्बिक एसिड, ओलिक एसिड और स्टीयरिक एसिड समेत विभिन्न एसिड होते हैं। ये सभी एसिड रक्तप्रवाह में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में बहुत उपयोगी होते हैं, खासकर खराब कोलेस्ट्रॉल। इस प्रकार, यह स्ट्रोक और हृदय रोगों से रोकथाम में मदद करता है।

9. धनिया की पत्तियां कीटाणुनाशक, एंटिफंगल, डिटॉसिफिकेशन, एंटीऑक्सिडेंट और एंटीसेप्टिक हैं। ये सभी गुण किसी भी त्वचा विकार को दूर करने के लिए पर्याप्त हैं।

10. धनिया फास्फोरस, विटामिन ए और विटामिन सी और एंटीऑक्सिडेंट जैसे खनिजों में समृद्ध है, जो आंखों के विकारों की रोकथाम में मदद करते हैं। धनिया की पत्तियां बीटा कैरोटीन में समृद्ध होती हैं, जो बढ़ती उम्र में कमजोर आंखों की रोशनी में प्रभावशाली भूमिका निभाता है।

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